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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहले तीन महीनों में à¤à¥‚लकर à¤à¥€ न खाà¤à¤‚ ये चीजें, वरना हो सकता है मिसकैरेज
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के पहले तीन महीने बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होते हैं। इन तीन महीनों में मिसकैरेज का खतरा सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है और यही वजह है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं को पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤° में अपने खानपान को लेकर बहà¥à¤¤ सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में महिलाओं को अपने आहार कà¥à¤› खास चीजों को शामिल नहीं करना चाहिà¤à¥¤ यहां हम आपको उनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ चीजों के बारे में बता रहे हैं जिनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पहले तीन महीनों में नहीं खानी चाहिà¤à¥¤
कचà¥à¤šà¤¾ मांस
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पहले तीन महीनों में कचà¥à¤šà¤¾ मांस खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के लिठइसे अचà¥à¤›à¤¾ नहीं माना जाता है। कचà¥à¤šà¥‡ मांस में बहà¥à¤¤ से सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾, ई-कोलाई जैसे कई जीवाणॠहोते हैं जो कि फूड पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤¨à¤¿à¤‚ग का कारण बनते हैं।
अगर आप मांसाहारी हैं और मांस खाठबिना नहीं रह सकती हैं तो इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से पकाकर खाà¤à¤‚। मांस को पानी में अचà¥à¤›à¥€ तरह से धो लें। मीट को धोने के बाद हाथों को à¤à¥€ धोà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग को शांत करने के लिठकà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खाना है तो टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें ये सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸,
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ताजे फल खाना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। रोजाना फलों का सेवन करने से मानसिक और शारीरिक रूप से आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस कर सकती हैं।
सà¤à¥€ फलों में कोई न कोई पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। जब à¤à¥€ आपको à¤à¥‚ख लगे तो आप कोई à¤à¥€ फल खा सकती हैं। इससे आपके शरीर को पोषण à¤à¥€ मिलेगा और à¤à¥‚ख à¤à¥€ शांत हो जाà¤à¤—ी।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में विटामिन सी पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जो कि आयरन को सोखने में शरीर की मदद करता है। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में खाना फायदेमंद रहता है।
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à¤à¤• फल खाने से कई बेहतर होता है फलों की चाट बनाकर खाना। इससे आपको हर फल के अलग-अलग पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाà¤à¤‚गें। सेब और अमरूद जैसे फलों को छिलके के साथ ही खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि छिलकों में à¤à¥€ पोषण ततà¥â€à¤µ और फाइबर होता है। इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हमेशा वही फल खाà¤à¤‚ जो मौसमी हो।
दलिया को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार में से à¤à¤• माना जाता है। यह शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है और बाकी अनाजों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धीरे-धीरे पचता है जिससे लंबे समय तक à¤à¥‚ख नहीं लगती है और पेट à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस होता है। आप दलिये में ताजे फल, सूखे मेवे और सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर उनका सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ दोगà¥à¤¨à¤¾ कर सकती हैं।
दलिये में घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं जो आपके दिल को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखता है और कबà¥à¤œ से à¤à¥€ राहत दिलाता है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ यानि अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज में आयरन और फाइबर होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आयरन जहां शिशॠके सही विकास और मां को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करता है, वहीं फाइबर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होने वाली कबà¥â€à¤œ से बचाता है। आप सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ खा सकती हैं।
आप सलाद या रायते में कचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर खा सकती हैं या आटे में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ गूंथकर परांठे बना सकती हैं और सूप में à¤à¥€ इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिलाकर उसका पोषण बढ़ा सकती हैं।
आप फलों जैसे आम और केले को दही में मिलाकर या इसकी सà¥à¤®à¥‚दी तैयार कर खा सकती हैं। इससे आपको फलों के गà¥à¤£ à¤à¥€ मिलेंगें और टेसà¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ आà¤à¤—ा।
फलों की सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, विटामिन सी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। आपको जो à¤à¥€ फल पसंद है, उससे आप अपनी टेसà¥â€à¤Ÿà¥€ और हेलà¥â€à¤¦à¥€ सà¥â€à¤®à¥‚दी बना सकती हैं।
छोले में आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। इसे अपने आहार में शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित हो सकता है। छोले उबाल लें और फिर उसमें ताजी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे खीरा, शिमला मिरà¥à¤š, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर, हरी मिरà¥à¤š, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि मिलाकर खाà¤à¤‚।
उबले हà¥à¤ छोलों में लहसà¥à¤¨ और ऑलिव ऑयल की कà¥à¤› बूंदें और नींबू का रस डालकर चाट बना लें।
दही को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है! इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने में मदद करते हैं। बादाम में विटामिन बी, फोलेट और विटामिन बी6 होता है जो खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही के लिठजरूरी होते हैं। आप बादाम की लसà¥â€à¤¸à¥€ या शà¥à¤°à¥€à¤–ंड à¤à¥€ बना सकती हैं।
सीफूड और फिश
फिश पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ मानी जाती है और इसमें ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद होता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठये दोनों पोषक ततà¥â€à¤µ बहà¥à¤¤ उपयोगी होते हैं। मछली में और à¤à¥€ कई पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं, लेकिन इसमें अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में मरकरी होता है जो बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठघातक साबित हो सकता है।
इसके अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को सीफूड खाने से इसलिठमना किया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह से सूजन, चकतà¥à¤¤à¥‡, उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤ का खतरा रहता है। अगर आपको फिर à¤à¥€ फिश या सीफूड खाने की कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग हो रही है तो इसे अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करके और पकाकर ही खाà¤à¤‚।
कचà¥à¤šà¥‡ अंडे
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कचà¥à¤šà¥‡ अंडे या उससे बने किसी à¤à¥€ फूड को अपने आहार में शामिल नहीं करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥à¤Ÿà¥€ या दसà¥à¤¤ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ रहती है और अंडे से सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ वायरस होने का खतरा रहता है। वैसे ये सीधे तौर पर बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक नहीं होता, लेकिन मां के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते हैं जिससे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ परेशानी पैदा हो सकती है। मेयोनीज, कसà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ जैसी चीजें न खाà¤à¤‚, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें कचà¥â€à¤šà¥‡ अंडे का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग को शांत करने के लिठकà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खाना है तो टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें ये सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸,
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ताजे फल खाना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। रोजाना फलों का सेवन करने से मानसिक और शारीरिक रूप से आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस कर सकती हैं।
सà¤à¥€ फलों में कोई न कोई पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। जब à¤à¥€ आपको à¤à¥‚ख लगे तो आप कोई à¤à¥€ फल खा सकती हैं। इससे आपके शरीर को पोषण à¤à¥€ मिलेगा और à¤à¥‚ख à¤à¥€ शांत हो जाà¤à¤—ी।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में विटामिन सी पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जो कि आयरन को सोखने में शरीर की मदद करता है। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में खाना फायदेमंद रहता है।
à¤à¤• फल खाने से कई बेहतर होता है फलों की चाट बनाकर खाना। इससे आपको हर फल के अलग-अलग पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाà¤à¤‚गें। सेब और अमरूद जैसे फलों को छिलके के साथ ही खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि छिलकों में à¤à¥€ पोषण ततà¥â€à¤µ और फाइबर होता है। इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हमेशा वही फल खाà¤à¤‚ जो मौसमी हो।
दलिया को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार में से à¤à¤• माना जाता है। यह शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है और बाकी अनाजों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धीरे-धीरे पचता है जिससे लंबे समय तक à¤à¥‚ख नहीं लगती है और पेट à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस होता है। आप दलिये में ताजे फल, सूखे मेवे और सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर उनका सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ दोगà¥à¤¨à¤¾ कर सकती हैं।
दलिये में घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं जो आपके दिल को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखता है और कबà¥à¤œ से à¤à¥€ राहत दिलाता है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ यानि अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज में आयरन और फाइबर होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आयरन जहां शिशॠके सही विकास और मां को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करता है, वहीं फाइबर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होने वाली कबà¥â€à¤œ से बचाता है। आप सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ खा सकती हैं।
आप सलाद या रायते में कचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर खा सकती हैं या आटे में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ गूंथकर परांठे बना सकती हैं और सूप में à¤à¥€ इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिलाकर उसका पोषण बढ़ा सकती हैं।
आप फलों जैसे आम और केले को दही में मिलाकर या इसकी सà¥à¤®à¥‚दी तैयार कर खा सकती हैं। इससे आपको फलों के गà¥à¤£ à¤à¥€ मिलेंगें और टेसà¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ आà¤à¤—ा।
फलों की सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, विटामिन सी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। आपको जो à¤à¥€ फल पसंद है, उससे आप अपनी टेसà¥â€à¤Ÿà¥€ और हेलà¥â€à¤¦à¥€ सà¥â€à¤®à¥‚दी बना सकती हैं।
छोले में आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। इसे अपने आहार में शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित हो सकता है। छोले उबाल लें और फिर उसमें ताजी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे खीरा, शिमला मिरà¥à¤š, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर, हरी मिरà¥à¤š, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि मिलाकर खाà¤à¤‚।
उबले हà¥à¤ छोलों में लहसà¥à¤¨ और ऑलिव ऑयल की कà¥à¤› बूंदें और नींबू का रस डालकर चाट बना लें।
दही को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है! इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने में मदद करते हैं। बादाम में विटामिन बी, फोलेट और विटामिन बी6 होता है जो खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही के लिठजरूरी होते हैं। आप बादाम की लसà¥â€à¤¸à¥€ या शà¥à¤°à¥€à¤–ंड à¤à¥€ बना सकती हैं।
दूध
दूध को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है। लेकिन कà¤à¥€ à¤à¥€ बिना पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत वाला दूध न पिà¤à¤‚। Unpasteurized Milk में बहà¥à¤¤ से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और रोगाणॠहोते हैं जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठहानिकारक होते हैं इसलिठहमेशा पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत दूध का ही सेवन करें या दूध को उबालकर पिà¤à¤‚।
कचà¥à¤šà¤¾ पपीता
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कचà¥à¤šà¥‡ और अधपके पपीते का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ कहा जाता है कि इसे खाने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ पैदा हो सकता है जिससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। पपीते में लेटेकà¥à¤¸, पपेइन और पेपà¥à¤¸à¤¿à¤¨ नामक पदारà¥à¤¥ होते हैं जो à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग को शांत करने के लिठकà¥à¤› हेलà¥â€à¤¦à¥€ खाना है तो टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें ये सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸,
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ताजे फल खाना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। रोजाना फलों का सेवन करने से मानसिक और शारीरिक रूप से आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस कर सकती हैं।
सà¤à¥€ फलों में कोई न कोई पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। जब à¤à¥€ आपको à¤à¥‚ख लगे तो आप कोई à¤à¥€ फल खा सकती हैं। इससे आपके शरीर को पोषण à¤à¥€ मिलेगा और à¤à¥‚ख à¤à¥€ शांत हो जाà¤à¤—ी।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलों में विटामिन सी पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है जो कि आयरन को सोखने में शरीर की मदद करता है। इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में खाना फायदेमंद रहता है।
à¤à¤• फल खाने से कई बेहतर होता है फलों की चाट बनाकर खाना। इससे आपको हर फल के अलग-अलग पोषक ततà¥â€à¤µ मिल जाà¤à¤‚गें। सेब और अमरूद जैसे फलों को छिलके के साथ ही खाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि छिलकों में à¤à¥€ पोषण ततà¥â€à¤µ और फाइबर होता है। इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि हमेशा वही फल खाà¤à¤‚ जो मौसमी हो।
दलिया को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार में से à¤à¤• माना जाता है। यह शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है और बाकी अनाजों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धीरे-धीरे पचता है जिससे लंबे समय तक à¤à¥‚ख नहीं लगती है और पेट à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस होता है। आप दलिये में ताजे फल, सूखे मेवे और सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर उनका सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ दोगà¥à¤¨à¤¾ कर सकती हैं।
दलिये में घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं जो आपके दिल को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखता है और कबà¥à¤œ से à¤à¥€ राहत दिलाता है।
सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ यानि अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज में आयरन और फाइबर होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आयरन जहां शिशॠके सही विकास और मां को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने में मदद करता है, वहीं फाइबर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होने वाली कबà¥â€à¤œ से बचाता है। आप सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ खा सकती हैं।
आप सलाद या रायते में कचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ डालकर खा सकती हैं या आटे में सà¥â€à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸ गूंथकर परांठे बना सकती हैं और सूप में à¤à¥€ इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ मिलाकर उसका पोषण बढ़ा सकती हैं।
आप फलों जैसे आम और केले को दही में मिलाकर या इसकी सà¥à¤®à¥‚दी तैयार कर खा सकती हैं। इससे आपको फलों के गà¥à¤£ à¤à¥€ मिलेंगें और टेसà¥â€à¤Ÿ à¤à¥€ आà¤à¤—ा।
फलों की सà¥à¤®à¥‚दी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, विटामिन सी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। आपको जो à¤à¥€ फल पसंद है, उससे आप अपनी टेसà¥â€à¤Ÿà¥€ और हेलà¥â€à¤¦à¥€ सà¥â€à¤®à¥‚दी बना सकती हैं।
छोले में आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। इसे अपने आहार में शामिल करना बहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित हो सकता है। छोले उबाल लें और फिर उसमें ताजी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे खीरा, शिमला मिरà¥à¤š, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर, हरी मिरà¥à¤š, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली आदि मिलाकर खाà¤à¤‚।
उबले हà¥à¤ छोलों में लहसà¥à¤¨ और ऑलिव ऑयल की कà¥à¤› बूंदें और नींबू का रस डालकर चाट बना लें।
दही को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है! इसमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ के गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने में मदद करते हैं। बादाम में विटामिन बी, फोलेट और विटामिन बी6 होता है जो खासतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही के लिठजरूरी होते हैं। आप बादाम की लसà¥â€à¤¸à¥€ या शà¥à¤°à¥€à¤–ंड à¤à¥€ बना सकती हैं।
अनानास
वैसे तो अनानास सेहत के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में इसे खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ अनानास में बà¥à¤°à¥‹à¤®à¤²à¤¿à¤¨ à¤à¤‚जाइम होता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कर सकता है और इससे लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। इसलिठबेहतर होगा कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में अनानास न खाà¤à¤‚।
अनà¥â€à¤¯ पदारà¥à¤¥
इसके अलावा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤®à¤à¤¸à¤œà¥€ (मोनो सोडियम गà¥â€à¤²à¥‚टामेट), सौंफ और मेथीदाना, तिल के बीज à¤à¥€ नहीं खाने चाहिà¤à¥¤
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